सौहार्द बिगाड़ने और अफवाह फैलाने वालों पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की भ्रामक सूचनाओं पर बड़ी चेतावनी

अजय सिंह
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को सचिवालय में आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देशित किया कि चारधाम और हेमकुंड साहिब यात्रा पर आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु की सुख-सुविधा और सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने देश-विदेश से आने वाले सभी पर्यटकों और तीर्थयात्रियों का देवभूमि उत्तराखंड में स्वागत करते हुए उनसे किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचनाओं या अफवाहों से बचने की अपील की है।
कर्णप्रयाग और नगरासू प्रकरण: निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई के निर्देश
हाल ही में कर्णप्रयाग और नगरासू में हुई घटनाओं का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार, स्थानीय प्रशासन और पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद हैं।
निष्पक्षता: मामले के सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर पूरी पारदर्शिता के साथ जांच की जा रही है।
दोषियों पर शिकंजा: प्रारंभिक जांच के आधार पर चिन्हित दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की गई है, और साक्ष्यों के आधार पर आगे भी कठोरतम विधिक कदम उठाए जाएंगे।
तीर्थयात्रियों की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी: सुचारु रूप से जारी है यात्रा
बैठक में मुख्यमंत्री ने साझा किया कि राज्य में सांस्कृतिक और धार्मिक यात्राएं अत्यंत सुव्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ रही हैं:
चारधाम यात्रा: अब तक 40 लाख से अधिक श्रद्धालु सफलतापूर्वक दर्शन कर चुके हैं।
हेमकुंड साहिब यात्रा: इस वर्ष यात्रा के शुरुआती चरण में ही पिछले साल के मुकाबले 25 हजार से अधिक श्रद्धालुओं की आमद दर्ज की गई है।
मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि उत्तराखंड सिख गुरुओं की पावन स्मृतियों से जुड़े तीन प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों – हेमकुंड साहिब, रीठा साहिब और नानकमत्ता साहिब – की मेजबानी करता है। उन्होंने कहा कि ‘अतिथि देवो भवः’ की गौरवशाली परंपरा के अनुरूप राज्य में सभी संप्रदायों के नागरिकों का पूर्ण सम्मान और सत्कार किया जाता है।
भ्रामक सूचनाओं पर कड़ा रुख: सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वालों की खैर नहीं
सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर भड़काऊ या भ्रामक खबरें प्रसारित करने वालों को मुख्यमंत्री ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि समाज को जातियों या समुदायों में बांटने का कोई भी प्रयास बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। राष्ट्र निर्माण में सभी धर्मों का साझा योगदान रहा है, इसलिए सौहार्द को नुकसान पहुँचाने वाले तत्वों के खिलाफ प्रशासन कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।
मुख्यमंत्री का आधिकारिक वक्तव्य:
“देवभूमि उत्तराखंड की संस्कृति संवाद, समरसता और सह-अस्तित्व पर टिकी है। हमारी सरकार का रुख पूरी तरह स्पष्ट है कि राज्य में ऐसा कोई भी कृत्य स्वीकार्य नहीं होगा जिससे किसी नागरिक की गरिमा को ठेस पहुंचे या किसी की धार्मिक आस्था आहत हो। सभी चुनौतियों का समाधान केवल आपसी संवाद और शांतिपूर्ण वातावरण से ही संभव है।”
उच्चस्तरीय बैठक में ये वरिष्ठ अधिकारी रहे उपस्थित
इस महत्वपूर्ण नीतिगत बैठक में धार्मिक ट्रस्टों के प्रतिनिधियों सहित शासन और पुलिस प्रशासन के शीर्ष अधिकारी मौजूद रहे:
धार्मिक प्रतिनिधि: बदरी-केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी और हेमकुंड साहिब प्रबंधन ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेन्द्रजीत सिंह बिन्द्रा।
प्रशासनिक नेतृत्व: मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, अपर मुख्य सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव (गृह) शैलेश बगौली और सचिव विनय शंकर पाण्डेय।
सुरक्षा एवं पुलिस बल: पुलिस महानिदेशक (DGP) दीपम सेठ, डीजी (अभिसूचना एवं सुरक्षा) अभिनव कुमार, आईजी रिद्धिम अग्रवाल, अपर सचिव बंशीधर तिवारी तथा अपर सचिव तृप्ति भट्ट।



